सुुरेश भारद्वाज पर भारी पड़ सकती है जुब्बल-कोटखाई के लोगों की नाराजगी।

सुुरेश भारद्वाज पर भारी पड़ सकती है जुब्बल-कोटखाई के लोगों की नाराजगी।

 

शिमला विधानसभा चुनावी क्षेत्र भी होगा प्रभावित

जुब्बल कोटखाई विधानसभा चुनावी क्षेत्र से पूर्व भाजपा विधायक स्व. नरेन्द्र बरागटा के स्पुत्र चेतन बरागटा का टिकट काटा जाना शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज पर भारी पड़ सकता है। भाजपा दिग्गज नामांकन पत्र वापस लेने से पहले चाहे असंतुष्ट चेतन बरागटा को मना ले लेकिन, इस प्रकरण ने जुब्बल कोटखाई विधानसभा चुनावी क्षेत्र के मतदाताओं में जो नाराजगी शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के प्रति उत्पन्न की है वह आगामी विधानसभा चुनावों में सुरेश भारद्वाज के लिए खतरे की घंटी है।

यह सभी जानते हैं कि राजधानी शिमला के मतदाताओं में ऊपरी हिमाचल के मतदाताओं का अत्यधिक प्रभाव है। जुब्बल कोटखाई विधानसभा चुनाव क्षेत्र से ऐसे हजारों मतदाता है जो शिमला में ना केवल अपना प्रभाव रखते हैं अपितु उनके रिश्तेदारों के राजधानी शिमला में भी मत हैं।

जुब्बल-कोटखाई विधानसभा चुनावी क्षेत्र के मतदाताओं में यह बात घर कर गई है कि पूर्व भाजपा विधायक एवं बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा के सुपुत्र चेतन बराागटा का टिकट कटवाने के पीछे शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का हाथ रहा है। उनका मानना है कि सुरेश भारद्वाज तथा नरेंद्र बरागटा के बीच छत्तीस का आंकड़ा था। ऐसी परिस्थितियों में सुरेश भारद्वाज कभी भी नहीं चाहते थे कि नरेंद्र बरागटा के स्पुत्र चेतन बरागटा को टिकट मिले। उन्हें यकीन है कि चेतन बरागटा का टिकट कटवाने के लिए ही सुरेश भारद्वाज दिल्ली में गृह मंत्री अमितशाह से मिले थे।

उनमें व्याप्त नाराजगी का ही परिणाम था कि सुरेश भारद्वाज जब भाजपा प्रत्याशी नीलम सरैईक के नामांकन पत्र के लिए जुब्बल कोटखाई विधानसभा चुनाव क्षेत्र पहुंचे तो भाजपा में चेतन बरागटा के समर्थकों ने सुरेश भारद्वाज के खिलाफ गो बैक के नारे लगाते हुए उनकी कार का घेराव कर रोष प्रकट किया। इलाके में नाराजगी का एक और कारण भी है। सेब विपणन को लेकर पहले ही बागवानों में नाराजगी हैै। उनका आरोप है कि सेब विपणन का उचित प्रबंध न किए जाने के कारण उन्हें सेब का सही दाम नहीं मिल पाया। ऐसी परिस्थितियों में बागवान भाजपा सरकार से खफा है। उनकी नाराजगी के चलते भाजपा को जुब्बल-कोटखाई में पेरशानी का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी तरफ सुरेश भारद्वाज के प्रति नाराजगी जारी रही तो उपरी शिमला से उनके खिलाफ जो आंधी चलेगी, उससे उनके कदम लड़खड़ा सकते हैं।

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